कोशिश

By Koshika Jhavar

प्रयास सफलता का प्रथम पड़ाव है। कोशिश तो फल प्राप्ति की अनूठी नींव है। प्रयत्न से ही विजयोत्सव की पहल आरंभ होती है। कहतें हैं कि करत-करत अभ्यास के, जड़मति होत सुजान। रसरी आवत जात तें, सिल पर परत निसान।। यह विलक्षण दोहा हमें निरंतर प्रयास करने की सीख देता है ताकि हम कुशल, निपुण तथा पूर्णतः पारंगत बन सकें। हमारी कोशिश ही हमें सफलता की चरम सीमा तक पहुँचाती है। उन्नति एक ही पल में नहीं मिलती, सभी को असफलता के दौर से गुजरना पड़ता है इसलिए कोशिश से न घबराएँ। कुछ नया और अद्‌भुत करने का सदैव स्वप्न देखें। मिसाल के तौर पर यदि राइट ब्रदर्स ने प्रयत्न न किया होता तो वे हवाई जहाज का आविष्कार करने में असमर्थ रहते। कोशिश से ही बड़े-से-बड़े मुकाम पर विजय पताका फहराई जा सकता है। कोशिश पर ही दुनिया कायम है। अंत में कुछ अनमोल वचन-
जीतूँगा मैं, यह ख़ुद से वादा करें,
जितना सोचते हो, कोशिश उससे ज्यादा करें,
तकदीर भी रूठे पर हिम्मत न टूटे,
मजबूत इतना अपना इरादा करें ।

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