राजनीति पर कविता भाग 1

नील डी जड़िया

अथ श्री कथा राजनीति की । 

अब तक घटित सभी घटना की।। 

यह कथा सियासत की भी है ।

मुंबई में घटित घटना की है ।।

जब सुशांत केस की मिस्ट्री आई।

मुंबई पुलिस से जांच कराई ।।

1 महीने तक जांच चलाए ।

तब भी वह नतीजे पर नहीं आए।।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली जब ।

सीबीआई को जांच करनी मिली तब।।

सीबीआई ने जांच को आगे बढ़ाया।

रिया शौविक को सामने बिठाया।।

पैसे चोरी का आरोप लगा जब ।

ईडी भी जुड़ गई केस में तब ।।

चक्रवर्तियों से सवाल पूछा जब।

ड्रग्स का मामला सामने आया तब।।

एनसीबी भी जांच में मिल गई ।

बॉलीवुड में हलचल मची है ।।

कंगना ने बयान दिया जब ।

संजय जी को गुस्सा आ गया तब।।

संजय राउत ने जब धमकी सुनाई ।

कंगना रनौत ने फुर्ती दिखाई ।।

उन्ही की सरकार उन्ही को चुनौती ।

कंगना ऐसे तो नहीं मानेगी ।।

एक एक कर नोटिस लगाए।

अंत में घर को तोड़के ही आए।।

हाईकोर्ट का आदेश नहीं माना ।

अब तो उन्हीं को होगा पछताना।।

पवारजी ने भी कहा गैर जरूरी।

इतनी जल्दी कार्रवाई क्यों कर दी।।

कंगना फिर एयरपोर्ट पहुंची ।

पहले से ही अच्छी सिक्योरिटी जो थी ।।

सीधे वहां से घर वह पहुंची ।

बैठकर मोबाइल हाथ में लिया ही।।

फिर जो उन्होंने वीडियो बनाई।

भारत की राजनीति उसी में समाई।।

राम मंदिर, पीओके भी जोड़ा।

सवाल यह था कि घर क्यों तोड़ा।।

अभी तक बस इतना ही घटा है।

अभी तो बहुत कुछ लिखना बचा है ।।

आशा करत हैं नील.डी.जड़िया ।

आप सबको लगे यह बढ़िया।।

कामना करता हूं मैं यही कि।

आप सुने आगे की पंक्तियां इस कविता की।।

इति कविता राजनीति की ।

भाग-1 की पंक्तियां खत्म होती है जिसकी।

Comments

  1. एक अद्भुत और अद्वितीय कविता!!!

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